श्री मननधाम परमपूजनीय श्री वैष्णो देवा माँ जी की प्रेरणा से शास्त्रअनुसार अती उतम वास्तुकला से बना मन्दिर है जिसे शंख वाला मन्दिर के नाम से ख्याति प्राप्त है। मन्दिर के शीर्ष पर 31 फुट ऊँचा शंख बडे बडे वास्तुकारो और इंजीनियर को हैरत मे डाल देता है जिसकी भूमीतल से कुल ऊँचाई 108 फुट है शंख के नीचे की संरचना अष्टकोण मे है। वर्षा होने पर शंख पर गिरी बारिश की बूदे शिवलिग का अभिषेक करती है।
Divya Maha Mahotsav: 21-31 January 2020
21 January 2020: Shri Durga Stuti Path
22 January 2020: Shri Akhand Naam Jap Shubharambh
23 January 2020: Samapan Akhand Naam Jap And Maha Aarti
24-30 January 2020: Shrimad Bhagwat Katha Gyan Yagya
31 January 2020: Shri Maharani Ji Choki
बड़ा पवित्र मननधाम अति पावन सुंदर प्यारा।
ज्ञान ध्यान भक्ती वैराग्य का यहाँ पर ये भंडारा।
इस घरती के कण-कण में है ममतामई सुगन्घ।
माँ देवी के मननधाम में आनंद ही आनंद।
श्री राधा कृष्ण मंदिर
मुख्यद्वार में प्रवेश करते ही सामने श्री राधा कृष्ण मंदिर है जहां सीढ़ियों में लगा कादम्ब का पेड़ इसकी दिव्यता को दर्शाता है। अंदर पहुँचते ही श्री राधा कृष्ण के दर्शन करके वृन्दावन में बांके बिहारी मंदिर में होने का एहसास होता है। मंदिर में दोनों तरफ श्री लक्ष्मी नारायण के साथ साथ दशावतार के भी दर्शन होते है।
माँ वैष्णों देवी दरबार
श्री मननधाम के मुख्य मंदिर माँ पिंडिराणी के दरबार, यहाँ पर माँ सरस्वती, माँ काली व माँ लक्ष्मी के स्वरुप पिंडी रूप में विराजमान है जो हिमअचल में माँ ज्वाला देवी जी के धाम से लाकर जम्मू के श्री वैष्णों देवी मंदिर से प्रतिष्टित हो कर आए हैं। इसलिए इस दरबार में माथा टेकने से माँ वैष्णों देवी की यात्रा का पूरा फल मिलता है। इस दरबार की अंदरूनी दीवारों पर पूरा काम चांदी से हुआ है। श्री वैष्णों माँ के दर्शन करने के बाद पूज्य माता राम प्यारी जी व शिरडी के साईं बाबा के साथ साथ गुरु नानक देव जी का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
श्री राम मंदिर व शिव मंदिर
श्री राम मंदिर मे राम दरबार व शिव परिवार विराजमान है। इनके अलौकिक स्वरुप के दर्शन करते ही श्रद्धालु भाव विभोर हो जाता है और आत्मा तृप्त हो जाती है। इसी मंदिर में ग्यारह रूद्र के स्वरुप भी स्थापित है जो भारत में बहुत कम स्थानों पर है।
नवग्रह मंदिर
श्री मननधाम मंदिर परिसर में ही नवग्रह मंदिर है जहाँ नौ ग्रहों के अलग अलग स्वरुप के दर्शन किये जा सकते है। साथ में ही हवन यज्ञशाला है जिसका निर्माण शास्त्रीय विधि में हुआ है।
शिव शक्ति मंदिर
श्री राम एवं शिव परिवार के दर्शन करके हम शिव शक्त्ति मंदिर के द्वार पर पहुँच जाते है। मंदिर के तल में शिवालय स्थापित है। इसके ऊपरी तल पर शक्त्ति मंदिर व गायत्री मंदिर निर्माणधीन है। (Source: shreemanandham.org)
A Beautiful full back sided shankh view from near by Shri Rishabh Anchal Jain Temple.
A closeup frame of highest point of height 108 feet with golden chakra.
Shri Navgrah dhan next to yagyashala and near to backup room.
Yagyashala a combination of modern and old architecture, having nearby Mango tree.
Corridor towards Shri Maa Vaishno Dharwad
Shri Radha Krishna Mandir with Dashavta Bhagwan Vishnu.
A central green park with fountain with element tank surrounded by temples and Mata ki rasoi.
श्री मनन धाम
Two top shikhar one from Maa Vaishno Dham and secondone from Guru Mata Dham.
White shankha, pink lotus and golden chakra in front zoomed view from NH 58, outside the temple boundary.
31 January 1992
मंदिर की नीव भारी गई।
20 January 2003
उप-राष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत द्वारा शंख का उद्घाटन।
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