मार्गशीर्ष हिंदू कैलेंडर में नौवां महीना है, जिसे हिंदुओं के लिए अत्यधिक शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार "मासोनम मार्गशीर्षोहम्" का अर्थ है कि मार्गशीर्ष के समान शुभ कोई दूसरा महीना नहीं है।
मार्गशीर्ष मास का महत्व
हिंदू संस्कृति में इस माह का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, मासोनम मार्गशीर्षोहम का अर्थ है कि कोई अन्य महीना मार्गशीर्ष के समान शुभ नहीं है, इसे सबसे शुभ महीनों में से एक माना जाता है।
मार्गशीर्ष के महीने में लक्ष्मी के अलावा भगवान कृष्ण की भी पूजा की जाती है।
मार्गशीर्ष मास का पर्व
मार्गशीर्ष मास एक पवित्र महीना है जिसका शास्त्रों में पूरी तरह से वर्णन किया गया है। एकादशी या द्वादशी का व्रत करने वाले सभी पापों से मुक्त हो जाते हैं और उनके लिए स्वर्ग के द्वार खुल जाते हैं। मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा भगवान की पूजा की जाती है। मार्गशीर्ष मास का एक मुख्य महत्व मृत पूर्वजों को प्रसन्न करना है। मार्गशीर्ष मास अपने पूर्वजों की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए तर्पण और पितृ पूजा करने के लिए शुभ होता है। अमावस्या का व्रत करते समय भक्त न केवल इंद्र, शिव, सूर्य, अग्नि जैसे देवताओं बल्कि पक्षियों, जानवरों और दुष्टों को भी प्रसन्न करते हैं।
मार्गशीर्ष मास 2025
इस वर्ष मार्गशीर्ष मास की गणना 6th नवंबर से 4th दिसंबर 2025 तक है।
मार्गशीर्ष मास 2025 व्रत, त्यौहार, जयंती और उत्सव
6th बृहस्पतिवार नवंबर 2025 - इष्टि
8th शनिवार नवंबर 2025 -
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी
12th बुधवार नवंबर 2025 -
कालभैरव जयन्ती
15th शनिवार नवंबर 2025 - उत्पन्ना एकादशी
16th रविवार नवंबर 2025 - वृश्चिक संक्रान्ति
17th सोमवार नवंबर 2025 -
प्रदोष व्रत
19th बुधवार नवंबर 2025 - दर्श अमावस्या
20th बृहस्पतिवार नवंबर 2025 - अन्वाधान,
मार्गशीर्ष अमावस्या
21st शुक्रवार नवंबर 2025 - इष्टि
22nd शनिवार नवंबर 2025 - चन्द्र दर्शन
25th मंगलवार नवंबर 2025 -
विवाह पञ्चमी
26th बुधवार नवंबर 2025 -
चम्पा षष्ठी
1st सोमवार दिसंबर 2025 -
गीता जयन्ती, मोक्षदा एकादशी
2nd मंगलवार दिसंबर 2025 - प्रदोष व्रत
4th बृहस्पतिवार दिसंबर 2025 -
दत्तात्रेय जयन्ती,
मार्गशीर्ष पूर्णिमा, अन्वाधान