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असाध्य व्याधियों/रोग के निराकरण का मार्ग! (Treat Incurable Diseases!)

असाध्य व्याधियों/रोग के निराकरण का मार्ग!
॥ अच्युताय नम:, अनन्ताय नम:, गोविन्दाय नम: ॥
इस वीडियो को सुनने के बाद आपको इस प्रश्न का उत्तर मिलेगा कि कैसे असाध्य रोगों का इलाज आधुनिक विज्ञान नहीं कर सकता है?

Treat Incurable Diseases! in English

You will find the answer of this quiestion How To Treat Incurable Diseases Which Modern Science Cannot?
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महा शिवरात्रि विशेष 2025

बुधवार, 26 फरवरी 2025 को संपूर्ण भारत मे महा शिवरात्रि का उत्सव बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाएगा। महा शिवरात्रि क्यों, कब, कहाँ और कैसे? | आरती: | चालीसा | मंत्र | नामावली | कथा | मंदिर | भजन

महाशिवरात्रि को महासिद्धिदात्री क्यों कहा जाता है?

महाशिवरात्रि व्रत अत्यंत शुभ और दिव्य है। इससे अनित्य भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस शिवरात्रि व्रत को व्रतराज के नाम से जाना जाता है। 11 March 2021

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि दोनों में ही भगवान शिव की पूजा का विधान है, लेकिन फिर भी दोनों को एक दूसरे से अलग माना जाता है।

महाशिवरात्रि में क्यों उजागर रहते हैं लोग?

महाशिवरात्रि में क्यों उजागर रहते हैं लोग? महा शिवरात्रि मुख्य रूप से एक हिंदू त्योहार है, जो भगवान शिव के सम्मान में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। महा शिवरात्रि, का शाब्दिक अर्थ है

विविध: आर्य समाज के नियम

ईश्वर सच्चिदानंदस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वांतर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करने योग्य है।

मृत्यु के बाद तेरहवी क्यों की जाती है?

हिन्दू धर्म में मृत्यु के 13 दिनों तक शोक मनाया जाता है और फिर तेरहवें दिन ब्राह्मण भोज का आयोजन किया जाता है ताकि मृतक की आत्मा को शांति मिले और ईश्वर के धाम में स्थान मिले। तेरह दिनों की इस अवधि को तेरहवी के नाम से जाना जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार यदि मृतक की तेरहवीं न हो तो उसकी आत्मा पिशाच योनि में भटकती रहती है।

घटस्थापना 2025

घटस्थापना मंगलवार, बृहस्पतिवार, अक्टूबर 3, 2024 को मनाई जाएगी। यह 9 दिवसीय नवरात्रि उत्सव के दौरान पालन किया जाने वाला एक अनुष्ठान है।

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