फीता फीता फीता,,, जय हो!
ओ ही लोग तर जाते,,, जय हो!
जिन्होंने, माता का दर्शन किया।
बारी बरसी, खट्टण गया सी,
खटके, लिआंदी आरी।
ओ सावन का महीना आ गया,
चलो, मंदिरों को, कर लो तैयारी।
तारे तारे तारे,,, जय हो!
आओ सारे, मिलकर,,, जय हो!
लगाओ, अंबिका के, नाम के जयकारे।
बारी बरसी, खट्टण गया सी,
खटके, लिआंदा मोती।
मन में, जगह बना ले भक्त,
शेरोंवाली के, नाम की ज्योति।
पेड़े पेड़े पेड़े,,, जय हो!
आओ सारे, करें भंगड़ा,,, जय हो!
मेला, लगा है, माता के आंगन।
बारी बरसी, खट्टण गया सी,
खटके, लिआंदे छोले।
माँ सुख बांटती, उसी को,
जो ‘जय माता दी’ बोले!
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