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नमक्कल अंजनेयार मंदिर @Thillaipuram, Tamil Nadu

जगन्नाथ धाम @Puri, Odisha
तपोवन नासिक @Nashik, Maharashtra
जो प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है वह प्रदोष भौम प्रदोष व्रत या मंगल प्रदोष व्रत कहलाता है। एक नगर में एक वृद्धा रहती थी। उसका एक ही पुत्र था..
सर्वसुख, राजसम्मान तथा पुत्र-प्राप्ति के लिए मंगलवार व्रत रखना शुभ माना जाता है। पढ़े हनुमान जी से जुड़ी मंगलवार व्रत कथा...
मंगला गौरी पौराणिक व्रत कथा: एक समय की बात है, एक शहर में धरमपाल नाम का एक व्यापारी रहता था। उसकी पत्नी काफी खूबसूरत थी...
बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...
हनुमान जी के 12 नाम | हनुमान द्वादश नाम | हनुमानद्वादशनाम स्तोत्र | Hanumaan 12 naam |
मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 कोटि(प्रकार)देवताओं के द्योतक हैं।

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें

शिव चालीसा - जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला.. शिव चालीसा लिरिक्स के सरल शब्दों से भगवान शिव को आसानी से प्रसन्न होते हैं

जय सविता जय जयति दिवाकर!, सहस्त्रांशु! सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु! पतंग! मरीची! भास्कर!...
भक्तमाल | जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज | असली नाम - श्री राम कृपालु त्रिपाठी | आराध्य - श्री राधा कृष्ण | जन्म - शरद पूर्णिमा, 5 अक्टूबर 1922
हिंदू महाकाव्य रामायण में सबरी एक बुजुर्ग महिला तपस्वी हैं। उनकी भक्ति के कारण उन्हें भगवान राम के दर्शन का आशीर्वाद मिला। वह भील समुदाय की शाबर जाति से संबंधित थी इसी कारण से बाद में उसका नाम शबरी रखा गया।
दादा देव महाराज राजस्थान के टोंक में टोडारायसिंह के सोलंकी वंश के एक प्रसिद्ध संत थे। उन्होंने 717 AD (VS 774) में 120 वर्ष की आयु में समाधि ली थी।
श्री नारायण गुरु भारत में एक दार्शनिक, आध्यात्मिक नेता और समाज सुधारक थे।

हनुमान जी श्री राम के बहुत बड़े भक्त हैं और भगवान शिव के अवतार हैं। हनुमान जी के माता-पिता का नाम अंजना और केसरी है इसलिए उन्हें अंजनी-पुत्रा और केसरी-नंदन कहा जाता है।

मराठा पेशवा विस्तार के दौरान, पुणे में मंदिरों का निर्माण नहीं हुआ। पूणे शहर में मां लक्ष्मी, श्री गणेश और दत्तात्रेय भगवान के मंदिर अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिवजी के 12 ज्योतिर्लिंग, अलग-अलग स्थानों पर स्थापित शिव ज्योतिर्लिंग, जानिए भारत के 12 ज्योतिर्लिंग के बारे मे | Bharat Ke Barah Shiv Jyotirlinga
एक विदेशी को अपराधी समझ जब राजा ने फांसी का हुक्म सुनाया तो उसने अपशब्द कहते हुए राजा के विनाश की कामना की।...
यह विधवा महिला है, जो चार अनाथ बच्चों की मां है। किसी से भी किसी तरह की मदद लेने को तैयार नहीं है। मैंने कई बार कोशिश की है और हर बार नाकामी मिली है।...
एक मेजर के नेतृत्व में 15 जवानों की एक टुकड़ी हिमालय के अपने रास्ते पर थी। बेहताशा ठण्ड में मेजर ने सोचा की अगर उन्हें यहाँ एक कप चाय मिल जाती तो आगे बढ़ने की ताकत आ जाती।
द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका: जगत मंदिर में प्रतिदिन पांच ध्वजारोहण होता है। भक्त ध्वजाजी के आध्यात्मिक रूप का सम्मान करते हैं और भक्ति, सम्मान, शुद्ध प्रेम और विश्वास के प्रतीक के रूप में उन्हें नमन करते हैं। इस ध्वज को लेकर भक्तों में इतनी श्रद्धा और भक्ति है कि कभी-कभी इसे चढ़ाने के लिए भक्तों को दो साल तक इंतजार करना पड़ता है।
महाकुंभ की शान हैं अखाड़े। महाकुंभ में अखाड़े केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। तपस्वियों, संतों और आध्यात्मिक अभ्यासकर्ताओं से बने ये समूह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं।
यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026
बिश्नोई पन्थ के उनतीस नियम निम्नलिखित हैं: तीस दिन सूतक, पांच ऋतुवन्ती न्यारो। सेरो करो स्नान, शील सन्तोष शुचि प्यारो॥...