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मुंडेश्वरी मंदिर @Bhabua, Bihar

ग्वालियर सूर्य मंदिर @Gwalior, Madhya Pradesh
राधा कृष्ण मंदिर, गौर सिटी @Noida, Uttar Pradesh
संत अनंतकृष्ण बाबा जी के पास एक लड़का सत्संग सुनने के लिए आया करता था। संत से प्रभावित होकर बालक द्वारा दीक्षा के लिए प्रार्थना करने..
संतोषी माता व्रत कथा | सातवें बेटे का परदेश जाना | परदेश मे नौकरी | पति की अनुपस्थिति में अत्याचार | संतोषी माता का व्रत | संतोषी माता व्रत विधि | माँ संतोषी का दर्शन | शुक्रवार व्रत में भूल | माँ संतोषी से माँगी माफी | शुक्रवार व्रत का उद्यापन
सूतजी जी नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि ऋषियों से वह कथा सुनाई जो भगवान ने स्वयं नारद जी को सुनाई.. एक समय की बात है नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि, अठ्ठासी हजार ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु!...
बाल समय रवि भक्षी लियो तब।.. लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।...
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥
ओम् ब्रह्मास्त्र-रुपिणी देवी, माता श्रीबगलामुखी। चिच्छिक्तिर्ज्ञान-रुपा च, ब्रह्मानन्द-प्रदायिनी॥ श्रीरूद्रयामले सर्व-सिद्धि-प्रद श्री बगलाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि...

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें

शिव चालीसा - जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला.. शिव चालीसा लिरिक्स के सरल शब्दों से भगवान शिव को आसानी से प्रसन्न होते हैं
Devraha Baba was a proven Mahayogi of Uttar Pradesh.
गोपाल कृष्ण गोस्वामी इस्कॉन द्वारका के एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे।
हनुमान प्रसाद पोद्दार एक हिंदी लेखक, पत्रकार और समाज सुधारक थे। उन्हें हिंदू संतों की जीवनियों के संग्रह भक्तमाल पर उनके काम के लिए जाना जाता है।
भक्तमाल | जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज | असली नाम - श्री राम कृपालु त्रिपाठी | आराध्य - श्री राधा कृष्ण | जन्म - शरद पूर्णिमा, 5 अक्टूबर 1922

आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं। बद्रीनाथ धाम, रामेश्वरम धाम, जगन्नाथ धाम, द्वारका धाम...

फिल्म और अर्थ जगत में अपना परचम लहराते हुए, आइए जानें यहाँ की धार्मिक विरासतों के बारे में...

दिल्ली के 10 सबसे प्रसिद्ध एवं भव्य मंदिर, जहाँ भगवन के दर्शन के लिए आपको अवश्य जाना चाहिए। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), जिसमें नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद शामिल हैं।
बहुत समय पहले की बात है, महाराष्ट्र के एक छोटे से गाँव में रामदास नाम का एक युवक रहता था। रामदास बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति का था।
इंसान अपने लक्ष्य से भटक रहा है और यह भटकाव ही इंसान को थका रहा है। यह लक्ष्य प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा है।
एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना...
ऑस्ट्रेलिया में, श्री कृष्ण जन्माष्टमी, कृष्ण भक्तो के लिए वर्ष के सबसे शुभ और उत्सव मुखर दिन है।
जन्माष्टमी कनाडा भर में हिंदू समुदाय द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है ।
द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका: जगत मंदिर में प्रतिदिन पांच ध्वजारोहण होता है। भक्त ध्वजाजी के आध्यात्मिक रूप का सम्मान करते हैं और भक्ति, सम्मान, शुद्ध प्रेम और विश्वास के प्रतीक के रूप में उन्हें नमन करते हैं। इस ध्वज को लेकर भक्तों में इतनी श्रद्धा और भक्ति है कि कभी-कभी इसे चढ़ाने के लिए भक्तों को दो साल तक इंतजार करना पड़ता है।
महाकुंभ की शान हैं अखाड़े। महाकुंभ में अखाड़े केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। तपस्वियों, संतों और आध्यात्मिक अभ्यासकर्ताओं से बने ये समूह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं।