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Top Mandirs

  • Maa Mansa Devi Mandir


    Maa Mansa Devi Mandir

    Maa Shakti in माँ मनसा देवी मंदिर (Maa Mansa Devi Mandir) established by Lankapati Ravan. This village was also founded by Ravana, Thats why the name of this village is Ravan alias Badagaon near Barnawa in same district Baghpat.

  • Shri Banke Bihari Mandir

    श्री बांके बिहारी मन्दिर (Shri Banke Bihari Mandir) is the true inspiration of God Shri Vrindvan Banke Bihari Lala Ji since 1981. First organic waste converte enable temple of Delhi in Punjabi Bagh.

  • Shri Neelam Mata Vaishno Mandir

    Going from Ghazipur to Akshardham, cross the left sided petrol pump, you will see a huge vigrah of Lord Shiv which gives comfort to your eyes. It is the largest temple of eastern Delhi, the holy shrine श्री नीलम माता वैष्णो मंदिर (Shri Neelam Mata Vaishno Mandir), which is imagined by Devi Neelam.

  • Shri Laxmi Narayan Mandir

    श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर (Shri Laxmi Narayan Mandir) is dedication to Goddess Shri Lakshmiji and her consort Lord Shri Narayan, thus is known as Shri Lakshmi Narayan Mandir.

  • Jagannath Dham

    जगन्नाथ धाम (Jagannath Dham) is considered to be one of the four dhams, four Vaishnava pilgrims defined by Guru Shankaracharya. One of these four pilgrims, it is the Shri Jagannath temple of Puri in the east direction of India.

  • Galtaji Dham

    गलताजी धाम (Galtaji Dham) is the Group of temples and water kunds, inclues the Galav Rishi Temple, Krishna Temple, Surya Temple, Balaji Temple, Shiv Mandir and the Sita Ram Temple and three holy water kunds.

श्री भगवत भगवान की है आरती!

श्री भगवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती।

आरती श्री भगवद्‍ गीता!

जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते। हरि-हिय-कमल-विहारिणि सुन्दर सुपुनीते॥

श्रीविष्णुपञ्जरस्तोत्रम्॥

प्रवक्ष्याम्यधुना ह्येतद्वैष्णवं पञ्जरं शुभम्। नमोनमस्ते गोविन्द चक्रं गृह्य सुदर्शनम्॥

स्वस्ति / स्वस्तिक मंत्र

ॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः। स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः। स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः। स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ॥

गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म!

गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत, गुरु मेरा देव अलख अभेव...

ऐसे मेरे मन में विराजिये!

ऐसे मेरे मन में विराजिये, कि मै भूल जाऊं काम धाम, गाऊं बस तेरा नाम...

जैसे तुम सीता के राम...

जैसे तुम सीता के राम, जैसे लक्ष्मण के सम्मान, जैसे हनुमत के भगवान...

अमृत बेला गया आलसी सो रहा बन आभागा !

बेला अमृत गया, आलसी सो रहा, बन आभागा, साथी सारे जगे, तू न जागा...

जगन्नाथ पूरी के विश्व प्रसिद्ध मंदिर!
जगन्नाथ पूरी के विश्व प्रसिद्ध मंदिर!

पुरी भारत के चार धाम में से एक धाम है। जानिए, जगन्नाथ पुरी के शीर्ष प्रसिद्ध मंदिरों की सूची...

पिंक सिटी जयपुर के प्रमुख प्रसिद्ध मंदिर
पिंक सिटी जयपुर के प्रमुख प्रसिद्ध मंदिर

आइए देखते हैं इस विश्व विख्यात शहर का धार्मिक पहलू...

भुवनेश्वर के विश्व प्रसिद्ध मंदिर!
भुवनेश्वर के विश्व प्रसिद्ध मंदिर!

The list of top famous temples of Bhubaneswar, the capital city of Odisha state.

प्रार्थना: दया कर दान विद्या का, हमें परमात्मा देना!

देश के एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों द्वारा सुबह की सभा में गाई जाने वाली हिंदी प्रार्थना!...

जय राम रमा रमनं समनं।

जय राम राम रमनं समनं। भव ताप भयाकुल पाहि जनम॥ अवधेस सुरेस रमेस बिभो।...

यही है प्रार्थना प्रभुवर!

यही है प्रार्थना प्रभुवर! जीवन ये निराला हो। परोपकारी, सदाचारी व लम्बी आयुवालो हो॥

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

चालीसा: श्री हनुमान जी

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥

श्री नवग्रह चालीसा॥

श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय॥...

माँ महाकाली - जय काली कंकाल मालिनी!

जय काली कंकाल मालिनी, जय मंगला महाकपालिनी॥ रक्तबीज वधकारिणी माता...

चालीसा: माँ सरस्वती जी।

जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा
अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्‌मणों...

श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा 2
श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा 2

बोलो बृहस्पतिदेव की जय। भगवान विष्णु की जय॥ बोलो बृहस्पति देव की जय॥

पाण्डव निर्जला एकादशी व्रत कथा!
पाण्डव निर्जला एकादशी व्रत कथा!

निर्जला एकादशी व्रत का पौराणिक महत्त्व और आख्यान भी कम रोचक नहीं है। जब सर्वज्ञ वेदव्यास ने पांडवों को चारों पुरुषार्थ संकल्प कराया था...

काश! हम उतना ही देख पाते

मृत्यु के देवता ने अपने एक दूत को भेजा पृथ्वी पर। एक स्त्री मर गयी थी, उसकी आत्मा को लाना था।...

वृन्दावन की चीटियाँ...

एक सच्ची घटना सुनिए एक संत की, वे एक बार वृन्दावन गए वहाँ कुछ दिन घूमे फिरे दर्शन किए जब वापस लौटने का मन किया...

व्यक्ति की पहचान, व्यवहार और नियत से है।

आदतें असलियत का पता बता देती हैं... एक राजा के दरबार मे एक अजनबी इंसान नौकरी माँगने के लिए आया।

दशरथकृत शनि स्तोत्र

नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च। नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम:॥

श्री शनैश्चर सहस्रनाम वली

ॐ अमिताभाषिणे नमः। ॐ अघहराय नमः। ॐ अशेषदुरितापहाय नमः।...

श्री शनि अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली

ॐ शनैश्चराय नमः॥ ॐ शान्ताय नमः॥ ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः॥ ॐ शरण्याय नमः॥ ॐ वरेण्याय नमः॥

श्री दुर्गा माँ के 108 नाम

सती, साध्वी, भवप्रीता, भवानी, भवमोचनी, आर्या, दुर्गा, जया, आद्य, त्रिनेत्र, शूलधारिणी...

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