Sawan 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ
मंत्र - Mantra मंत्र
एकादशी एकादशी
सावन के सोमवार सावन के सोमवार
chalisa चालीसा
Photo Stories फोटो स्टोरीज
चलचित्र - Movie चलचित्र
Bhaktmal" भक्तमाल
शुभकामना मेसेज 2026 शुभकामना मेसेज
कथा - Katha कथाएँ
Popular मंदिर
त्योहार 2021 त्योहार
प्रेरक कहानियाँ - Prerak Kahaniyan प्रेरक कहानियाँ
भजन - Bhajan Sangeet भजन
Web Stories वेब स्टोरी
आरती  - Aarti, Arti, arati Sangrah आरती
ISKCON ISKCON
Jainism जैन धर्म
Blogs ब्लॉग

भजन ›

पुत्रदा / पवित्रा एकादशी व्रत कथा

अब आप मुझे श्रावण शुक्ल एकादशी का क्या नाम है? व्रत करने की विधि तथा इसका माहात्म्य कृपा करके कहिए। मधुसूदन कहने लगे कि इस एकादशी का नाम पुत्रदा एकादशी है।

सोलह सोमवार व्रत कथा

भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली यह पवित्र व्रत सोलह सोमवार व्रत कथा भक्ति भारत के द्वारा आप तक पहुंचाई जा रही है। एक समय की बात है देवों के देव भगवान महादेवजी, पार्वती के साथ भ्रमण करते हुए मृत्युलोक में अमरावती नगरी में आए।

रोहिणी शकट भेदन, दशरथ रचित शनि स्तोत्र कथा

प्राचीन काल में दशरथ नामक प्रसिद्ध चक्रवती राजा हुए थे। राजा के कार्य से राज्य की प्रजा सुखी जीवन यापन कर रही थी...

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

येषां न विद्या न तपो न दानं

येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः। ते मर्त्यलोके भुविभारभूता...

वैदिक संगठन मंत्र

ॐ संगच्छध्वम् सं वद्धवम् सं वो मनाँसि जानताम् । देवा भागम् यथा पूर्वे सञ्जानाना उपासते ॥ 1

सूर्य चालीसा
सूर्य चालीसा

जय सविता जय जयति दिवाकर!, सहस्त्रांशु! सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु! पतंग! मरीची! भास्कर!...

सरस्वती चालीसा
सरस्वती चालीसा

जनक जननि पद्मरज, निज मस्तक पर धरि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥

हनुमान चालीसा
हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें

शबरी

हिंदू महाकाव्य रामायण में सबरी एक बुजुर्ग महिला तपस्वी हैं। उनकी भक्ति के कारण उन्हें भगवान राम के दर्शन का आशीर्वाद मिला। वह भील समुदाय की शाबर जाति से संबंधित थी इसी कारण से बाद में उसका नाम शबरी रखा गया।

दादा देव महाराज

दादा देव महाराज राजस्थान के टोंक में टोडारायसिंह के सोलंकी वंश के एक प्रसिद्ध संत थे। उन्होंने 717 AD (VS 774) में 120 वर्ष की आयु में समाधि ली थी।

श्री नारायण गुरु

श्री नारायण गुरु भारत में एक दार्शनिक, आध्यात्मिक नेता और समाज सुधारक थे।

तुलसीदास जी

भक्तमाल | गोस्वामी तुलसीदास | असली नाम - रामबोला दुबे | गुरु - नरहरिदास | आराध्य - श्री रामचंद्र, भगवान शिव

बृजभूमि के प्रसिद्ध मंदिर
बृजभूमि के प्रसिद्ध मंदिर

बृजभूमि अथवा ब्रिजभूमि भगवान कृष्ण की बचपन से संबंधित गतिविधियों से जुड़ा क्षेत्र है।

शिकोहाबाद के प्रसिद्ध मंदिर
शिकोहाबाद के प्रसिद्ध मंदिर

आज के शिकोहाबाद की नवीनतम पीढ़ी की सामाजिक एवं धार्मिक समृद्धि को जानने के लिए, जानते हैं यहाँ के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे मे..

द्वारका के विश्व विख्यात मंदिर
द्वारका के विश्व विख्यात मंदिर

भगवान श्री कृष्ण की कर्म स्थली के नाम से विश्व विख्यात द्वारका शहर गुजरात व भारत के आखिरी पश्चिमी छोर पर स्थित है।...

बुढ़िया माई को मुक्ति दी - तुलसी माता की कहानी

कार्तिक महीने में एक बुढ़िया माई तुलसीजी को सींचती और कहती कि: हे तुलसी माता! सत की दाता मैं तेरा बिडला सीचती हूँ..

भक्ति का प्रथम मार्ग है, सरलता - प्रेरक कहानी

प्रभु बोले भक्त की इच्छा है पूरी तो करनी पड़ेगी। चलो लग जाओ काम से। लक्ष्मण जी ने लकड़ी उठाई, माता सीता आटा सानने लगीं। आज एकादशी है...

कर्म के साथ भावनाओं का भी महत्व है - प्रेरक कहानी

एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है।..

बिश्नोई पन्थ के उनतीस नियम!

बिश्नोई पन्थ के उनतीस नियम निम्नलिखित हैं: तीस दिन सूतक, पांच ऋतुवन्ती न्यारो। सेरो करो स्नान, शील सन्तोष शुचि प्यारो॥...

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

12 ज्योतिर्लिंग: भक्त कहाँ पवित्र शिवलिंग को छू सकते हैं?

12 ज्योतिर्लिंगों में दर्शन और स्पर्श के नियम हर मंदिर में एक जैसे नहीं हैं। कुछ मंदिरों में श्रद्धालुओं को सीधे पवित्र शिवलिंग का स्पर्श करने या पूजा करने की अनुमति होती है, जबकि अन्य मंदिरों में शिवलिंग को छूने पर प्रतिबंध होता है और दर्शन निर्धारित दूरी से करने होते हैं।

भद्रा विचार क्या है

जब भी किसी शुभ और शुभ कार्य का शुभ मुहूर्त देखा जाता है तो उसमें भद्रा का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है और कोई भी शुभ कार्य भद्रा के समय को छोड़कर दूसरे मुहूर्त में किया जाता है।

Bhakti Bharat APP