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बंगाली बाबा श्री गणेश मंदिर @Jaipur, Rajasthan

पुष्टिपति गणेश मंदिर @Borivali East, Maharashtra
खजराना गणेश मंदिर @Indore, Madhya Pradesh
भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों...
महाप्रभु जगन्नाथ को कलियुग का भगवान भी कहते है. पुरी (उड़ीसा) में जग्गनाथ स्वामी अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ निवास करते है.मगर रहस्य ऐसे है कि आजतक कोई न जान पाया हर 12 साल में महाप्रभु की मूर्ती को बदला जाता है
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इसी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ माना जाता है।...
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
शृणु वक्ष्यामि कवचं सर्वसिद्धिकरं प्रिये । पठित्वा पाठयित्वा च मुच्यते सर्व संकटात् ॥१॥...
ऋण से छुटकारा पाने हेतु ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र का नियमित पाठ करने से भक्त को कर्ज चुकाने मे आसानी होती है

जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। श्री गणेश चालीसा के संपूर्ण हिंदी लिरिक्स और अर्थ यहाँ पढ़ें। भगवान गणेश की कृपा पाने और सुख-समृद्धि के लिए नियमित रूप से चालीसा का पाठ करें।

मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥

हनुमान चालीसा लिरिक्स | जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा | बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए, शनि के प्रकोप से बचने हेतु हनुमान चालीसा का पाठ करें
गुरुमाई चिद्विलासानंद एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु और सिद्ध योग परंपरा की प्रमुख हैं। 24 जून 1955 को मालती शेट्टी के रूप में जन्मीं, वे कम उम्र में ही स्वामी मुक्तानंद की शिष्या बन गईं।
अहिल्या हिंदू इतिहास में सबसे पूजनीय महिला पात्रों में से एक हैं, जो अपनी सुंदरता, पवित्रता, धैर्य और आध्यात्मिक शक्ति के लिए जानी जाती हैं।
ज्ञानमती माताजी एक भारतीय जैन धार्मिक आर्यिका (जैन धर्म में महिला संत) हैं।
बलराम दास (लगभग 1472–1540) ओडिशा के महानतम संत-कवियों में से एक थे और ओडिया साहित्य के सम्मानित 'पंचसखा' (पाँच मित्र) समूह में सबसे बड़े थे। उन्होंने ओडिया भाषा के माध्यम से पवित्र हिंदू धर्मग्रंथों को आम लोगों तक पहुँचाकर भक्ति आंदोलन को फैलाने में अहम भूमिका निभाई।

दिल्ली और आस-पास के शहर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर।

बागलामुखी जयंती पूजा सुबह या रात में की जा सकती है। इन्हें माता पीताम्बरा के रूप में भी जाना जाता है, पूजा के दौरान सब कुछ पीला होना चाहिए।

उड़ीसा राज्य की राजधानी भुवनेश्वर, अपनी प्राचीन शिल्प कला को सजोए रखने के लिए प्रसिद्ध है। आइए जानें अन्य मंदिरों के वारे में...
परमात्मा द्वारा जीव को पांच ज्ञानेन्द्रियां प्रदान की गई हैं। श्रवण, त्वक,चक्षु, जिह्वा और घ्राणेन्द्रिय।इनके क्रमशः शब्द,स्पर्श, रूप, रस और गंध विषय हैं।
शिवि की धर्मपरायणता, उदारता, दयालुता एवं परोपकार की ख्याति स्वर्गलोक में भी पहुंच गई थी। इन्द्र और अग्निदेव शिवि की प्रशंसा सुनने के बाद उनकी परीक्षा की योजना बनायी
प्रार्थना छोड़ दोगे तो कहीं के नहीं रहोगे? प्रार्थना के बाद भी भगवान आपकी नहीं सुन रहे हैं? एक सेठ के घर के बाहर एक साधू महाराज खड़े होकर प्रार्थना कर रहे थे और बदले में खाने को रोटी मांग रहे थे।
बेश एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है पोशाक, पोशाक या पहनावा। 'मंगला अलाती' से 'रात्रि पहुड़' तक प्रतिदिन, पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की 'रत्नवेदी' पर देवताओं को सूती और रेशमी कपड़ों, कीमती पत्थरों से जड़े सोने के आभूषणों, कई प्रकार के फूलों और अन्य पत्तियों और जड़ी-बूटियों से सजाया जाता है। जैसे तुलसी, दयान, मरुआ आदि। चंदन का लेप, कपूर और कभी-कभी कीमती कस्तूरी का उपयोग दैनिक और आवधिक अनुष्ठानों में किया जाता रहा है।
अनासार के दौरान जब भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं, तब अलारनाथ मंदिर परिसर मे भगवान को खीर का भोग लगाया जाता है तथा साथ ही साथ भक्तों को भी यही भोग भेंट किया जाता है।
धार्मिक परंपरा, रीति-रिवाजों के महत्व और व्यावहारिक कारणों से पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा आमतौर पर एक दिन में गुंडिचा मंदिर नहीं पहुँचती है।
जगन्नाथ मंदिर में सदियों से पाया जाने वाला महाप्रसाद लगभग 600-700 रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, जो लगभग 50 हजार भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।