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मोहन नगर माँ दुर्गा मंदिर @Ghaziabad, Uttar Pradesh

पूर्णागिरी मंदिर @Tanakpur, Uttarakhand
शाकंभरी माता मंदिर सकराय @, Rajasthan
भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों...
आश्विन मास की संकष्टी चतुर्थी को श्रीकृष्ण तथा बाणासुर की इस कथा के अनुसार एक समय की बात है बाणासुर की कन्या उषा ने सुषुप्तावस्था में अनिरुद्ध का स्वप्न देखा..
सर्वसुख, राजसम्मान तथा पुत्र-प्राप्ति के लिए मंगलवार व्रत रखना शुभ माना जाता है। पढ़े हनुमान जी से जुड़ी मंगलवार व्रत कथा...
महायोगपीठे तटे भीमरथ्या, वरं पुंडरीकाय दातुं मुनींद्रैः ।
ॐ सहस्त्रनेत्राय विद्महे वज्रहस्ताय धीमहि। तन्नो इन्द्रः प्रचोदयात्॥
ॐ नित्यागतायै नमः । ॐ अनन्तनित्यायै नमः । ॐ नन्दिन्यै नमः । ॐ जनरञ्जिन्यै नमः ।...

सिर नवाइ बगलामुखी, लिखूं चालीसा आज॥ जय जय जय श्री बगला माता । आदिशक्ति सब जग की त्राता ॥

जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी।दुष्ट दलन लीला अवतारी॥ जो कोई तुम्हरी लीला गावै।बिन श्रम सकल पदारथ पावै॥

जै होवै रविदास तुम्हारी।कृपा करहु हरिजन हितकारी॥ राहू भक्त तुम्हारे ताता।कर्मा नाम तुम्हारी माता॥
ब्रह्मा-बाबा यानी लेखराज कृपलानी ब्रह्माकुमारी संप्रदाय के संस्थापक हैं।
स्वामी अखंडानंद एक महान उपदेशक और समाज सुधारक थे। उन्होंने पूरे भारत में यात्रा की और वेदांत का संदेश प्रचारित किया।
स्वामी सुखबोधानंद एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु, वेदांत विद्वान, प्रेरक वक्ता और लेखक हैं। वे भगवद गीता, उपनिषदों और वेदांत की शिक्षाओं को व्यावहारिक और आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।
स्वर कोकिला' के नाम से विख्यात भारत रत्न लता मंगेशकर एक प्रसिद्ध भारतीय पार्श्व गायिका, भजन गायिका और सामयिक संगीतकार थीं।

आइए जानें मध्य प्रदेश के मुरैना जिला के प्राचीन, ऐतिहासिक एवं वास्तु के लिए विश्व प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में..

आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं। बद्रीनाथ धाम, रामेश्वरम धाम, जगन्नाथ धाम, द्वारका धाम...

दिल्ली और आस-पास के शहर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर।
फिर सुपरवाईजर ने उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए एक १० रु का नोट नीचे फैंका, जो ठीक मजदूर के सामने जा कर गिरा..
एक शिकारी ने शिकार पर तीर चलाया। तीर पर सबसे खतरनाक जहर लगा हुआ था।..
एक बार घोषणा हुई कि भगवान सेब बॉटने आ रहे है। सभी लोग भगवान के प्रसाद के लिए तैयार हो कर लाइन लगा कर खड़े, एक छोटी बच्ची बहुत उत्सुक थी
हिंदुओं का मानना है कि पितृ पक्ष मैं श्राद्ध करने से पूर्बजों को मुक्ति मिलती है और प्रसन्न होते हैं। श्राद्ध की रस्में हिंदू परंपराओं के अनुसार बहुत सारे प्रतिबंधों के तहत की जाती हैं। इस दौरान कुछ भोजनों से परहेज किया जाता है।
पितृ पक्ष की पूजा के दौरान मौली (पूजा के दौरान कलाई पर बाँधा जाने वाला पवित्र लाल-पीला धागा) नहीं बाँधी जाती क्योंकि इस अवधि में किए जाने वाले अनुष्ठान केवल पितरों (पूर्वजों) के लिए होते हैं, न कि देवताओं के लिए।
हिंदू धर्म में बुराइयों से छुटकारा पाने के कई उपाय हैं। हिन्दू धर्म में पवित्र सूत्रों का बड़ा महत्व होता है। लोग इन पवित्र धागों को अपने शरीर के विभिन्न अंगों में धारण करते हैं सकारात्मक परिणामके लिए। पवित्र धागों में लाल, नारंगी, सफेद, काला और पीला जैसे विभिन्न रंग मौजूद होते हैं। सभी धागों के अपने विशिष्ट कारण होते हैं।
गणेश चतुर्थी उत्सव में गणेश विसर्जन एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो भगवान गणेश को समर्पित उत्सवों के समापन का प्रतीक है।