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टॉप मंदिर

  • भालका तीर्थ


    भालका तीर्थ

    भालका तीर्थ के बारे में मान्यता है कि यहाँ पर विश्राम करते समय भगवान श्री कृष्ण के बाएं पैर में शिकारी ने गलती से बाण मारा था। जिसके पश्चात् उन्होनें पृथ्वी पर अपनी लीला समाप्त करते हुए निजधाम प्रस्थान किया।

  • सूर्य मंदिर

    सूर्य मंदिर गुजरात का सबसे पुराना सूर्य मंदिर है। मंदिर में सूर्य देव और छाया देवी मुख्य विग्रह हैं। यह माना जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पंडवों ने यहां रहकर सूर्य देव की प्रार्थना किया करते थे।

  • झंडेवालान

    राजधानी दिल्ली के मध्य में स्थित झंडेवालान एक सिद्धपीठ है। अपने धाार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के कारण राज्य सरकार ने भी दिल्ली के प्रासिद्ध दर्शनीय स्थलों में इसे शामिल किया है। वर्तमान में यह मंदिर झंडेवालान मेट्रो स्टेशन के पास है।

  • द्रौपदी घाट मंदिर

    द्रौपदी घाट मंदिर वह जगह है जहाँ रानी द्रौपदी स्नान के लिए आतीं थीं, और दैनिक पूजा किया करती थीं। आधुनिक भारत में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा कर्ण घाट के पास इस स्थान का नवीकरण कराया गया है।

  • मौसी माँ मंदिर

    मौसी माँ मंदिर, माँ अर्धासिनी को समर्पित है, इसलिए इसे अर्धासिनी मंदिर भी कहा जाता है। भक्तों का मानना ​​था कि देवी अर्धासिनी, कपालमोचन शिव के साथ मिलकर पुरी के संरक्षक के रूप में कार्य करतीं हैं।

  • कर्ण घाट मंदिर

    कर्ण घाट मंदिर पर सूर्यपुत्र दानवीर कर्ण भगवान शिव की पूजा करने के पश्‍चात, सवामन सोना प्रतिदिन दान किया करते थे। मान्यता के अनुसार, उसी स्थान 2012 की दीपावली को शिवलिंग की पुनः स्थापना कर दी गयी है।

  • श्री राम मंदिर

    A grand Ram temple was opened at Somnath under Shree Somnath Trust of Gujarat on Vijaya Dashmi with pran pratishtha mahotsav called as श्री राम मंदिर (Shri Ram Mandir).

  • श्री गुंडिचा मंदिर

    श्री गुंडिचा मंदिर (Odia: ଗୁଣ୍ଡିଚା ମନ୍ଦିର) वार्षिक होने वाले श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का अंतिम गंतव्य है। जबकि, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रारंभिक स्थान है, इन दोनों मंदिरों को जोड़ती हुई तीन किलोमीटर लम्बी ग्रांड रोड है।

आरती युगलकिशोर की कीजै!

आरती युगलकिशोर की कीजै। तन मन धन न्योछावर कीजै॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै।...

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।...

श्री राम राम रामेति रमे रामे मनोरमे

श्री राम राम रामेति, रमे रामे मनोरमे । सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥

मंत्र: श्री विष्णुसहस्रनाम पाठ

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

होली भजन: होली खेल रहे नंदलाल।

होली खेल रहे नंदलाल वृंदावन कुञ्ज गलिन में। वृंदावन कुञ्ज गलिन में...

आज बिरज में होरी रे रसिया।

आज बिरज में होरी रे रसिया। होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया॥

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे!

मेरी झोली छोटी पड़ गयी रे, इतना दिया मेरी माता।

गोविन्द जय-जय, गोपाल जय-जय

गोविन्द जय-जय, गोपाल जय-जय। राधा-रमण हरि, गोविन्द जय-जय ॥ गोविन्द जय-जय...

द्वादश(12) शिव ज्योतिर्लिंग!
द्वादश(12) शिव ज्योतिर्लिंग!

हिन्दू धर्म में पुराणों के अनुसार स्वयं शिवजी, शिवलिंग के रूप में १२ अलग-अलग स्थानों पर स्थापित हैं, जानिए भारत के 12 ज्योतिर्लिंग के बारे मे...

ब्रजभूमि के प्रसिद्ध मंदिर
ब्रजभूमि के प्रसिद्ध मंदिर

ब्रजभूमि अथवा ब्रिजभूमि भगवान कृष्ण की बचपन से संबंधित गतिविधियों से जुड़ा क्षेत्र है।

द्वारका, गुजरात के विश्व विख्यात मंदिर!
द्वारका, गुजरात के विश्व विख्यात मंदिर!

भगवान श्री कृष्ण की कर्म स्थली के नाम से विश्व विख्यात द्वारका शहर गुजरात व भारत के आखिरी पश्चिमी छोर पर स्थित है।...

आरती: माँ सरस्वती वंदना

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।...

प्रार्थना: दया कर दान विद्या का!

देश के एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों द्वारा सुबह...

संकट मोचन हनुमानाष्टक

लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर। वज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ॥

प्रार्थना: वह शक्ति हमें दो दया निधे!

उत्तर प्रदेश के साथ अधिकतर उत्तर भारत के सरकारी स्कूल में 1961 से ही गाई जाने वाली सबसे प्रसिद्ध प्रार्थना। वह शक्ति हमें दो दया निधे...

महा शिवरात्रि पूजन कथा

महाशिवरात्रि पूजन व्रत कथा के से जुड़ी एक रोचक पौराणिक कथा... एक बार चित्रभानु नामक एक शिकारी था। पशुओं की हत्या करके वह अपने कुटुम्ब को पालता था।

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्‌मणों...

श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा 2

बोलो बृहस्पतिदेव की जय। भगवान विष्णु की जय॥ बोलो बृहस्पति देव की जय॥

भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त!

जब भगवान् राम दशानन रावण को मार कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके खडाऊं को राजसिंहासन पर रख कर राज्य चला रहे राजा भरत...

श्री गंगा चालीसा
श्री गंगा चालीसा

जय जय जननी हराना अघखानी। आनंद करनी गंगा महारानी॥ जय भगीरथी सुरसरि माता।

श्री सूर्य देव चालीसा
श्री सूर्य देव चालीसा

जय सविता जय जयति दिवाकर!, सहस्त्रांशु! सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु! पतंग! मरीची! भास्कर!...

श्री लक्ष्मी चालीसा
श्री लक्ष्मी चालीसा

मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥

मन की शांति कैसे प्राप्त करें?

सेठ अमीरचंद के पास अपार धन दौलत थी। उसे हर तरह का आराम था, लेकिन उसके मन को शांति नहीं मिल पाती थी। हर पल उसे कोई न कोई चिंता परेशान किये रहती थी...

श्री राम नाम जाप महिमा

अगर तुम तीन बार राम नाम का जाप करते हो तो यह सम्पूर्ण विष्णु सहस्त्रनाम या १००० बार ईश्वर के नाम का जाप करने के बराबर है।

शुद्ध भावनाओं से ईश्वर और सुंदर भविष्य पक्का है!

एक मन्दिर था, उसमें सभी लोग पगार पर थे। आरती वाला, पूजा कराने वाला आदमी, घण्टा बजाने वाला भी पगार पर था...

मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं - श्रीवल्लभाचार्य कृत

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं। हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं॥

श्री कृष्णाष्टकम् - आदि शंकराचार्य

भजे व्रजैक मण्डनम्, समस्त पाप खण्डनम्, स्वभक्त चित्त रञ्जनम्, सदैव नन्द नन्दनम्...

श्री कृष्णाष्टकम्

वसुदॆव सुतं दॆवं कंस चाणूर मर्दनम्। दॆवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दॆ जगद्गुरुम्...

शिवाष्ट्कम्: जय शिवशंकर, जय गंगाधर.. पार्वती पति, हर हर शम्भो

जय शिवशंकर, जय गंगाधर, करुणाकर करतार हरे, जय कैलाशी, जय अविनाशी...

मूंग दाल के मगौड़े  बनाने की विधि
मूंग दाल के मगौड़े बनाने की विधि

...डार्क ब्राउन हो जाने के बाद उन्हें एक प्लेट में निकाल लेते हैं इसी प्रकार मिश्रण से सारे मगौड़े बना लेते हैं।

तिल-गुड़ के लड्डू बनाने की विधि
तिल-गुड़ के लड्डू बनाने की विधि

...जब मिश्रण हल्का गरम हो तभी लड्डू बना लें ठंडा होने पर लड्डू नहीं बन पाएँगे।

साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि
साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि

साबूदाना को एक बर्तन में साफ पानी में डाल कर निकाल लेते है धुले हुए साबूदानों को आधा कप पानी डाल कर ५ से६ घंटे के लिए भिगोने रख देते हैं...

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