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  • श्री अन्नपूर्णा मंदिर


    श्री अन्नपूर्णा मंदिर

    श्री अन्नपूर्णा मंदिर का मुख्य उद्देश्य जन-साधारण मानव की निःस्वार्थ सेवा है, इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुये यहाँ पर प्रति-दिन लगभग 150 से 200 व्यक्तियों को बिना किसी भेदभाव के भर पेट प्रसाद रूप में भोजन कराया जाता है।

  • श्री बालाजी मंदिर

    मेहदीपुर बालाजी से प्रेरित मेरठ में श्री बालाजी मंदिर, लालाजी द्वारा निर्मित शनि धाम के साथ माँ शाकुम्भरी देवी मंदिर तथा अन्नपूर्णा माता मंदिर के साथ विद्धमान है।

  • श्री बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर

    मेरठ महानगर में श्री बाबा औघड़नाथ शिव मंदिर एक प्राचीन सिद्धिपीठ है। इस मन्दिर में स्थापित लधुकाय शिवलिंग स्वयंभू, फलप्रदाता तथा मनोकामनायें पूर्ण करने वाले औघड़दानी शिवस्वरूप हैं।

  • श्री किलकारी बाबा भैरव नाथ जी पांडवों कालीन मंदिर

    श्री किलकारी बाबा भैरव नाथ जी पांडवों कालीन मंदिर (Shri Kilkari Baba Bhairav Nath Ji Pandvon Kalin Mandir) dedicated to Baba Bhairav Nath Ji(also called Bhairon, Bheron, भैरों) an fierce incarnation of Baba Bhairav founded by Pandavas, near Indraprastha metro station, Purana Qila(Kila) and Pragati Maidan. Bheem worshipped here and got siddhis in this area, After winning Mahabharat war, Pandavas initiate this temple.

  • श्री दूधिया बाबा भैरव नाथ जी पांडवों कालीन मंदिर

    श्री दूधिया बाबा भैरव नाथ जी पांडवों कालीन मंदिर (Shri Dudhiya Baba Bhairav Nath Ji Pandvon Kalin Mandir) dedicated to Baba Bhairav Nath Ji(also called Bhairon, Bheron, भैरों) an fierce incarnation of Baba Bhairav, near Indraprastha metro station, Purana Qila(Kila) and Pragati Maidan. Bheem worshipped here and got siddhis in this area.

  • श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर

    श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर (Shri Panchmukhi Hanuman Mandir) having all time jagrat Shri Hanuman bhumi at the foot of the Laxman Dungri.

आरती: ॐ जय जगदीश हरे!

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

श्री भैरव देव जी आरती

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा, जय काली और गौर देवी कृत सेवा॥

श्री गंगा स्तोत्रम् - श्री शङ्कराचार्य कृतं

देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे। शङ्करमौलिविहारिणि विमले मम मतिरास्तां तव पदकमले॥

मंत्र: श्री विष्णुसहस्रनाम पाठ

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...

मूंग दाल के मगौड़े  बनाने की विधि
मूंग दाल के मगौड़े बनाने की विधि

...डार्क ब्राउन हो जाने के बाद उन्हें एक प्लेट में निकाल लेते हैं इसी प्रकार मिश्रण से सारे मगौड़े बना लेते हैं।

तिल-गुड़ के लड्डू बनाने की विधि
तिल-गुड़ के लड्डू बनाने की विधि

...जब मिश्रण हल्का गरम हो तभी लड्डू बना लें ठंडा होने पर लड्डू नहीं बन पाएँगे।

साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि
साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि

साबूदाना को एक बर्तन में साफ पानी में डाल कर निकाल लेते है धुले हुए साबूदानों को आधा कप पानी डाल कर ५ से६ घंटे के लिए भिगोने रख देते हैं...

जो खेल गये प्राणो पे, श्री राम के लिए!

जो खेल गये प्राणो पे, श्री राम के लिए, एक बार तो हाथ उठालो, मेरे हनुमान के लिए...

भजन: राम ना मिलेगे हनुमान के बिना

पार ना लगोगे श्री राम के बिना, राम ना मिलेगे हनुमान के बिना। राम ना मिलेगे हनुमान के बिना...

भजन: मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे!

मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे, भोले बाबा जी की आँखों के तारे, प्रभु सभा बीच में आ जाना आ जाना...

नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ!

नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥ नचावे हरि की मईआ...

दिल्ली के प्रसिद्ध बाबा श्री भैरव नाथ मंदिर!
दिल्ली के प्रसिद्ध बाबा श्री भैरव नाथ मंदिर!

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के लगभग सभी प्रमुख एवं प्रसिद्ध श्री बाबा भैरब नाथ मंदिर। 8 जनवरी 2019 को सारी दिल्ली भैरव जयंती माना रही है।

महाभारत के समय से दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर
महाभारत के समय से दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर

कलयुग प्रारंभ होने से पहिले, महाभारत युद्ध के समय से या उससे भी पहिले से बने दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर हैं।

भारत के चार धाम
भारत के चार धाम

आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा परिभाषित चार वैष्णव तीर्थ हैं। बद्रीनाथ धाम, रामेश्वरम धाम, जगन्नाथ धाम, द्वारका धाम...

प्रार्थना: वह शक्ति हमें दो दया निधे!

उत्तर प्रदेश के साथ अधिकतर उत्तर भारत के सरकारी स्कूल में 1961 से ही गाई जाने वाली सबसे प्रसिद्ध प्रार्थना। वह शक्ति हमें दो दया निधे...

श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन!

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...

जय राम रमा रमनं समनं।

जय राम राम रमनं समनं। भव ताप भयाकुल पाहि जनम॥ अवधेस सुरेस रमेस बिभो।...

प्रार्थना: दया कर दान विद्या का!

देश के एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों द्वारा सुबह...

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्‌मणों...

श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा 2

बोलो बृहस्पतिदेव की जय। भगवान विष्णु की जय॥ बोलो बृहस्पति देव की जय॥

भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त!

जब भगवान् राम दशानन रावण को मार कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके खडाऊं को राजसिंहासन पर रख कर राज्य चला रहे राजा भरत...

श्री गंगा चालीसा
श्री गंगा चालीसा

जय जय जननी हराना अघखानी। आनंद करनी गंगा महारानी॥ जय भगीरथी सुरसरि माता।

भगवान श्री विश्वकर्मा चालीसा
भगवान श्री विश्वकर्मा चालीसा

श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान।... जय श्री विश्वकर्म भगवाना। जय विश्वेश्वर कृपा निधाना॥

श्री शिव चालीसा
श्री शिव चालीसा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

शुद्ध भावनाओं से ईश्वर और सुंदर भविष्य पक्का है!

एक मन्दिर था, उसमें सभी लोग पगार पर थे। आरती वाला, पूजा कराने वाला आदमी, घण्टा बजाने वाला भी पगार पर था...

प्रेरक कहानी: बिना श्रद्धा और विश्वास के, गंगा स्नान!

इसी दृष्टांत के अनुसार जो लोग बिना श्रद्धा और विश्वास के केवल दंभ के लिए गंगा स्नान करते हैं उन्हें वास्तविक फल नहीं मिलता परंतु इसका यह मतलब नहीं कि गंगा स्नान व्यर्थ जाता है।

प्रभुकृपा: यही आप से प्रार्थना है।

रात नौ बजे लगभग अचानक मुझे एलर्जी हो गई। घर पर दवाई नहीं, न ही इस समय मेरे अलावा घर में कोई और...

अष्टोत्तर भैरव नामावलि

अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम्: श्री भैरव जी के कल्याणकारी 108 नाम/नामावलि - ॐ भैरवाय नमः, ॐ भूतनाथाय नमः...

माता सीता अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली

ॐ सीतायै नमः। ॐ जानक्यै नमः। ॐ देव्यै नमः। ॐ वैदेह्यै नमः। ॐ राघवप्रियायै नमः। ॐ रमायै नमः...

नामावलि: श्री गणेश अष्टोत्तर नामावलि

श्री गणेश के 108 नाम और उनसे जुड़े मंत्र। गजानन- ॐ गजाननाय नमः। गणाध्यक्ष- ॐ गणाध्यक्षाय नमः...

श्री शिवमङ्गलाष्टकम्॥

भवाय चन्द्रचूडाय निर्गुणाय गुणात्मने। कालकालाय रुद्राय नीलग्रीवाय मङ्गलम्॥

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