सीता नवमी | वट सावित्री व्रत | आज का भजन! | भक्ति भारत को फेसबुक पर फॉलो करें!

टॉप मंदिर

  • श्री शिव नवग्रह मंदिर धाम


    श्री शिव नवग्रह मंदिर धाम

    श्री शिव नवग्रह मंदिर धाम, भगवान शिव की उपस्थिति के साथ नवग्रह को समर्पित है। मंदिर का एक मुख्य भाग शनि धाम के रूप मे श्री शनि महाराज जी को समर्पित है।

  • डुल्या मारुति मंदिर

    पेशवा कालीन यह ऐतिहासिक मंदिर सन् 1600 के आस-पास से पूना शहर के गणेशपेठ में स्थित है, जिसे डुल्या मारुति मंदिर के नाम से ख्याति प्राप्त है।

  • श्री राधा कृष्ण मंदिर

    सैनावली गाँव का सबसे प्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण मंदिर, जिसके साथ स्थित है मंदिर का पवित्र सरोवर। इस पवित्र जल सरोवर को झबेरा के नाम से जाना जाता है।

  • माँ ब्रह्माणी मंदिर

    इटावा, फिरोजाबाद, आगरा, भिण्ड, ग्वालियर, मैनपुरी, औरैया जनपद एवं अन्य आस-पास के क्षेत्र की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है यह सिद्धपीठ माँ ब्रह्माणी देवी मंदिर, यह जगह/मंदिर/ क्षेत्र स्वयं में ही बरमानी नाम से ही प्रसिद्ध है।

  • श्री ठाकुरजी शाला

    ग्राम केसरी के लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की आध्यात्मिक शक्ति से प्रेरित होकर एक धार्मिक एवं सामाजिक मंच की शुरुआत की। जो कि श्री ठाकुरजी शाला के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

  • श्री राधा कृष्ण मंदिर

    मंदिर कमेटी द्वारा श्री गणेश एवं श्री हनुमंत लला की स्थापना के साथ प्रारंभ यह श्री राधा कृष्ण मंदिर 24 जनवरी 2016 से दिल्ली के द्वारका उप-शहर में स्थित है।

  • इन्द्रद्युम्न सरोवर तीर्थ

    इन्द्रद्युम्न सरोवर तीर्थ पवित्र सरोवर पांच-छः मंदिरों से घिरा हुआ है, एवं गुंडिचा मंदिर से आधा किमी दूर ही स्थित है।

  • गुलमोहर शिवालय

    वैशाली सेक्टर 5 का सबसे प्रसिद्ध शिव मंदिर गुलमोहर शिवालय है। यह शिव मंदिर, गुलमोहर लेन में स्थित होने के कारण गुलमोहर शिवालय कहलाया।

आरती: श्री हनुमान जी

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे॥

आरती: श्री बालाजी

ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा। संकट मोचन स्वामी तुम हो रनधीरा॥

मंत्र: णमोकार महामंत्र

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं।...

भजन: शीश गंग अर्धंग पार्वती

शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी। नंदी भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

भजन: मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है।

मुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है। तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।

भजन: जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे।

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे। तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे।

भजन: गुरु बिन घोर अँधेरा संतो!

गुरु बिन घोर अँधेरा संतो, गुरु बिन घोर अँधेरा जी। बिना दीपक मंदरियो सुनो...

प्रसिद्ध जैन मंदिर!
प्रसिद्ध जैन मंदिर!

नई दिल्ली, गाजियाबाद, फिरोज़ाबाद, वहेलना-मुजफ्फरनगर, शौरीपुर-बेटेश्वर और सासनी के प्रमुख जैन मंदिरों की सूची:

दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान बालाजी मंदिर!
दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान बालाजी मंदिर!

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के प्रमुख भगवान हनुमान/बालाजी मंदिरों की सूची...

दिल्ली के आस-पास माता के प्रसिद्ध मंदिर!
दिल्ली के आस-पास माता के प्रसिद्ध मंदिर!

नई दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के शीर्ष मा आदि शक्ति, मां दुर्गा और मां काली मंदिरों की सूची...

श्री बजरंग बाण पाठ।

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

संकट मोचन हनुमानाष्टक

लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर। वज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ॥

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

श्री हनुमान साठिका

जय जय जय हनुमान अडंगी। महावीर विक्रम बजरंगी॥ जय कपीश जय पवन कुमारा। जय जगबन्दन सील अगारा॥

कथा: हनुमान गाथा

हनुमान गाथा के विस्तार पूर्वक चार चरणों मे - हनुमान जन्म, बाल हनुमान, श्री राम मिलन, लंका आगमन, सीता की खोज

वट सावित्री व्रत कथा।

भद्र देश के एक राजा थे, जिनका नाम अश्वपति था। भद्र देश के राजा अश्वपति के कोई संतान न थी...

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्‌मणों...

श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा!

दारूका नाम की एक प्रसिद्ध राक्षसी थी, जो पार्वती जी से वरदान प्राप्त कर अहंकार में चूर रहती थी। उसका पति दरुका महान् बलशाली राक्षस था।...

श्री दुर्गा चालीसा
श्री दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥

श्री झूलेलाल चालीसा
श्री झूलेलाल चालीसा

जय जय जल देवता, जय ज्योति स्वरूप। अमर उडेरो लाल जय, झुलेलाल अनूप॥

श्री शिव चालीसा
श्री शिव चालीसा

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

प्रेरक कहानी: सत्संग की सही शिक्षा

एक संत ने अपने दो शिष्यों को दो डिब्बों में मूँग के दाने दिये और कहाः ये मूँग हमारी अमानत हैं। ये सड़े गले नहीं बल्कि बढ़े-चढ़े यह ध्यान रखना...

प्रेरक कहानी: माइक आगे होता है, और मुख पीछे

गुरु शिष्यों में युगों युगों से यही रहस्यमयी लीला होती आ रही है।
अपने गुरु पर पूर्ण विश्वास रखे वे सदैव हमारे साथ है।

प्रेरक कहानी: अंत में अनन्त संसार रूपी सागर में समा जाते है।

नदी में हाथी की लाश बही जा रही थी। एक कौए ने लाश देखी, तो प्रसन्न हो उठा, तुरंत उस पर आ बैठा। यथेष्ट मांस खाया। नदी का जल पिया।...

मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं - श्रीवल्लभाचार्य कृत

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं। हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं॥

श्री रुद्राष्टकम् - श्री गोस्वामितुलसीदासकृतं

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं...

॥ श्री शिवसहस्रनामावली ॥

ॐ स्थिराय नमः। ॐ स्थाणवे नमः। ॐ प्रभवे नमः। ॐ भीमाय नमः। ॐ प्रवराय नमः।...

श्री दुर्गा माँ के 108 नाम

सती, साध्वी, भवप्रीता, भवानी, भवमोचनी, आर्या, दुर्गा, जया, आद्य, त्रिनेत्र, शूलधारिणी...

पंचामृत बनाने की विधि
पंचामृत बनाने की विधि

हिंदू समाज में पूजा के बाद पंचामृत प्रसाद के रूप में दिया जाता है। आइये जानते हैं! पंचामृत बनाने की सरल विधि..

सूजी का हलवा बनाने की विधि
सूजी का हलवा बनाने की विधि

भोग लगाने के लिए सूजी का हलवा तैयार करने के सरल विधि...

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